करता है उन्मुक्त हास मन, मेरी श्रद्धा ही मेरी आस।। बनकर जीवन एक मृदु पवन, दे जाये मधु आभास।।मेरा आस -पुंज प्रज्वलित, बनकर तम का दृढ़ सहारा।। यह तो प्रेरणा जीवन की, है जीवन का मधुर किनारा।।




तिनका


Saturday, 16 May 2020 20:31:00
Manju Thapa

तिनके....

तुम्हे चुरा लायी गौरैय्या।
किसी की नज़र बचाकर नहीं।
तुम्हे स्वयं से।
तुम यूँ ही अलग थलग पड़े थे...
धूल भरी राह में,
किसी के गन्दगी से सने जूते,चप्पलों से कुचले हुए.....
आहत से दयनीय अवस्था में,
घायल

Read More


शब्द


Saturday, 16 May 2020 20:16:27
Manju Thapa

शब्द.......

उथले नहीं होते।
उजले होते है।
कर देते हैं आसानी से चरित्र का बखान।
चाहे कितना इनको चाशनी में लपेट कर परोसो।खोल देते है कलई मन की तह की
और इंसान ये सोचता है
कि कई रहस्य मैंने छुपा लिए।
सामने वाला जान ही नह

Read More


सोच


Saturday, 16 May 2020 20:12:05
Manju Thapa

वज़ह बहुत हैं खुश होने की।

पर मन फिर भी दुःखता है....
क्यों आँखिर?
नहीं पता...
नहीं सोचता...
इतनी ढेर सारी विचारधाराओं में बहता रहता है।रुकता नहीं।
इसको नहीं है रुक कर सोचने का समय।
सामर्थ्य भी नहीं....
क्यो

Read More


होंसला


Friday, 15 May 2020 00:42:43
Manju Thapa

जब राह चले थे पाने लक्ष्य,

तब पता था मुश्किल होंगे हालात।।
छोटे बड़े हर एक कदम पर ,
बनती  बिगड़ती चलती  थी बात।।
सोचा ना था भाग्य के साथ,
कुछ खेल परिश्रम भी करवायेगा।।
ये समर क्षेत्र है यहां कैसे,
क्या कुछ यू

Read More


मौन


Thursday, 14 May 2020 02:39:56
Manju Thapa

बुद बुद करते होंठो की बात,

समझे कैसे मन अनजान।।
लिपि है टेढ़ी मेढ़ी बहुत
इसकी कहाँ मिलती पहचान।।
इतना भी भिज्ञ नहीं, लगा लूँ 
अनुमान मन की थाह का।।
मुझे क्या इच्छा इसकी कुछ
राही हूँ मैं स्वतंत्र राह का।।
Read More

Search By: Subject Content


Most Recent