करता है उन्मुक्त हास मन, मेरी श्रद्धा ही मेरी आस।। बनकर जीवन एक मृदु पवन, दे जाये मधु आभास।।मेरा आस -पुंज प्रज्वलित, बनकर तम का दृढ़ सहारा।। यह तो प्रेरणा जीवन की, है जीवन का मधुर किनारा।।

समय

कुछ बात भूल जाता है समय।

कुछ पल याद करता है समय।

कुछ प्रसन्न मन जीता है समय।

कुछ दुःख में डूब जाता समय।

कुछ निराशा में घुलता समय।

कुछ आशा में जीता समय।

कुछ राग गुनगुनाता है समय।

कुछ ऋतुओं को संवारता समय।

कुछ नटखट सा विचरता समय।

कुछ तीक्ष्ण वार करता समय।

कुछ अनसुलझे प्रश्न करता समय।

कुछ अनुभव को दिखलाता समय।




About author
Generic placeholder image