करता है उन्मुक्त हास मन, मेरी श्रद्धा ही मेरी आस।। बनकर जीवन एक मृदु पवन, दे जाये मधु आभास।।मेरा आस -पुंज प्रज्वलित, बनकर तम का दृढ़ सहारा।। यह तो प्रेरणा जीवन की, है जीवन का मधुर किनारा।।

जीवन चलता जाता है

सुख दुःख की परिपाटी पर,

ये जीवन चलता जाता है।।

अनंत पदचापों से चल राह,

नित गीत सुरीले गात है।।

खोया बहुत पाया असंख्य,

अनुभव यही सिखाता है।।

जितना बीता और रीता था,

उसका भी साथ निभाता है।।

ये जीवन चलता जाता है




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